22 मार्च 2026 को 09:32 pm बजे
धोखाधड़ी में CoinDCX संस्थापक गिरफ्तार, बताया नाम का गलत उपयोग

- CoinDCX के सह-संस्थापक सुमित गुप्ता और नीरज खंडेलवाल को कथित क्रिप्टो निवेश धोखाधड़ी के मामले में बेंगलुरु में भारतीय अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार किया गया है।
- यह मामला एक पीड़ित से जुड़ा है जिसने दावा किया है कि उसे उच्च रिटर्न और फ्रैंचाइज़ी अधिकारों का वादा करके लगभग 71.6 लाख रुपये (लगभग $85,000) का नुकसान हुआ है।
- CoinDCX ने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि यह coindcx.pro नामक फर्जी डोमेन का उपयोग करके की गई एक 'ब्रांड इंपर्सनेशन' (नाम का गलत इस्तेमाल) साजिश है।
गिरफ्तारी और आरोपों का विवरण
ठाणे पुलिस ने भारत के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज के संस्थापकों को 16 मार्च को दर्ज की गई एक प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) के आधार पर हिरासत में लिया है। मजिस्ट्रेट अदालत ने सुमित गुप्ता और नीरज खंडेलवाल को 23 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। यह जांच मुंब्रा के एक बीमा सलाहकार द्वारा दर्ज कराए गए आपराधिक विश्वासघात के आरोपों पर केंद्रित है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि अगस्त 2025 और फरवरी 2026 के बीच, CoinDCX ब्रांड से जुड़े लुभावने निवेश रिटर्न और फ्रैंचाइज़ी अधिकारों के वादे के साथ उनके साथ धोखाधड़ी की गई। FIR में दोनों सह-संस्थापकों सहित कुल छह व्यक्तियों के नाम शामिल हैं।
CoinDCX की प्रतिक्रिया
21 मार्च को जारी एक आधिकारिक बयान में, CoinDCX ने इन दावों को दृढ़ता से खारिज कर दिया और FIR को कंपनी के नेतृत्व का रूप धारण करने वाले जालसाजों द्वारा रची गई एक "झूठी साजिश" करार दिया। कंपनी का दावा है कि यह धोखाधड़ी फर्जी वेबसाइट coindcx.pro के माध्यम से की गई थी, जिसका आधिकारिक प्लेटफॉर्म से कोई संबंध नहीं है। CoinDCX ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता ने कानूनी कार्रवाई करने से पहले कभी भी एक्सचेंज से सीधे संपर्क नहीं किया था।
एक्सचेंज ने भारत में बढ़ते साइबर धोखाधड़ी के खतरे पर जोर दिया और बताया कि 1 अप्रैल, 2024 और 5 जनवरी, 2026 के बीच उन्होंने अपने ब्रांड की नकल करने वाली 1,212 से अधिक फर्जी वेबसाइटों की रिपोर्ट की है।
कॉर्पोरेट स्थिति और हालिया चुनौतियां
यह कानूनी कार्रवाई एक्सचेंज के लिए विकास और कुछ उतार-चढ़ाव के बीच आई है। IIT बॉम्बे के पूर्व छात्रों द्वारा 2018 में स्थापित CoinDCX, अक्टूबर 2025 में Coinbase Ventures के निवेश के बाद $2.45 बिलियन के मूल्यांकन तक पहुंच गया था।
एक्सचेंज से जुड़े मुख्य आंकड़े और हालिया इतिहास:
- 20 मिलियन से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता और $165 बिलियन का वार्षिक लेनदेन वॉल्यूम।
- 2021 में $1.1 बिलियन के मूल्यांकन के साथ भारत का पहला क्रिप्टो यूनिकॉर्न बना।
- जुलाई 2025 में एक मालवेयर हमले के कारण $44 मिलियन की चोरी हुई थी, जिसे कंपनी ने ग्राहकों की संपत्ति की सुरक्षा के लिए अपने आंतरिक खजाने से कवर किया था।
दोनों संस्थापक फिलहाल हिरासत में हैं और अधिकारी कथित धोखाधड़ी की सीमा और इसमें शामिल पक्षों की भूमिका की जांच कर रहे हैं।
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